पहाड़गंज में रहने वाले गुरनाम सिंह डीटीसी की लो-फ्लोर बस सर्विस शुरू होने से खुश थे कि चलो कभी-कभी गुरुद्वारे बस से जाया करेंगे। एक रोज परिवार के साथ बस स्टैंड पहुंचे, लेकिन उनकी खुशी उस वक्त गायब हो गई, जब एक घंटा बस स्टैंड पर खड़े रहने के बावजूद 957 नंबर की कोई भी लो-फ्लोर बस स्टैंड पर नहीं रुकी। जब एक बस स्टैंड से आगे जाकर रेडलाइट पर रुकी तो वह गाड़ियों के बीच से होकर कंडक्टर महोदय की खिड़की तक पहुंचे। बार-बार नॉक करने पर भी कंडक्टर महोदय ने खिड़की नहीं खोली। थक-हारकर गुरनाम सिंह अपनी गाड़ी से गुरुद्वारे पहुंचे। गुरनाम सिंह के साथ जो हुआ, वह किसी के भी साथ हो सकता है।
अगर बस में ड्राइवर या कंडक्टर गलत व्यवहार करें, बस गंदी हो, अंदर की लाइटें काम न कर रही हों, बस स्टॉप पर न रुके या कोई और परेशानी हो, तो शिकायत जरूर करें, लेकिन इसके लिए आपको अपने अधिकार पता होने चाहिए।
अगर बस में ड्राइवर या कंडक्टर गलत व्यवहार करें, बस गंदी हो, अंदर की लाइटें काम न कर रही हों, बस स्टॉप पर न रुके या कोई और परेशानी हो, तो शिकायत जरूर करें, लेकिन इसके लिए आपको अपने अधिकार पता होने चाहिए।
ये हैं आपके अधिकार
- बस केवल निर्धारित रूट पर ही चलनी चाहिए। रास्ते में पड़ने वाले सभी बस स्टॉप पर इंतजार कर रहे लोगों को बस में चढ़ाने की जिम्मेदारी ड्राइवर-कंडक्टर की है।
- बस कंडक्टर और ड्राइवर का यूनिफॉर्म में होना जरूरी है। नेम प्लेट भी स्पष्ट रूप से डिस्प्ले होनी चाहिए।
- बस अपने रूट के सभी स्टॉप पर रुके, यह सुनिश्चित करना स्टाफ की जिम्मेदारी है।
- बसों में फर्स्ट-एड बॉक्स होना अनिवार्य है।
- कंडक्टर के लिए यह जरूरी है कि वह बस के आगे वाले गेट से टिकट बांटना शुरू करे। किसी भी स्टॉप पर वह यात्री को तभी उतरने देगा, जब यह सुनिश्चित हो जाएगा कि वह टिकट ले चुका है।
- अगर कोई यात्री किराया देने से इनकार करता है तो कंडक्टर उसे अगले बस स्टॉप पर उतार देगा।
- आने वाले बस स्टॉप पर पहुंचने से पहले कंडक्टर को उसके नाम की घोषणा करनी चाहिए।
- कंडक्टर बस में यात्रा कर रही किसी भी सवारी पर शंका होने पर उसका टिकट/पास चेक कर सकता है।
- चेकिंग स्टाफ टिकट चेक करने के नाम पर बस को रोककर नहीं रख सकते। एक स्टॉप पर टिकट चेक करने वाले बस में चढ़ेंगे और बस चल देगी। इसके बाद वे चलती बस में ही सवारियों के टिकट चेक करेंगे और आगे वाले किसी स्टॉप पर उतर जाएंगे। केवल उतरने वाली सवारियों के टिकटों की जांच के दौरान ही बस रुकती है।
- बस और सीटें साफ होनी चाहिए, बस के अंदर की लाइटें ठीक होनी चाहिए और रूट की जानकारी डिस्प्ले होनी चाहिए।
- बस में चढ़ने व उतरने वाले सीनियर सिटिजन और बच्चों की मदद के लिए स्टाफ वचनबद्ध है।
- बस अगर बीच रास्ते में खराब हो जाती है तो कंडक्टर की यह जिम्मेदारी है कि वह सवारियों को उसी रूट की दूसरी बस में चढ़ाए।
- बसों में स्मोकिंग बैन है। यह नियम सवारियों के साथ-साथ बस स्टाफ पर भी लागू होता है।
- डिपो से अंतिम डेस्टिनेशन तक और फिर डिपो तक वापस आते समय रास्ते में मिलने वाली सवारियों को बस में यात्रा करने का अधिकार है। अगर डिपो जाने के नाम पर स्टाफ आपको बस में बैठाने से मना करता है तो शिकायत जरूर करें।
- बिना टिकट यात्रा करने वाले शख्स पर 200 रुपये जुर्माना लगाया जा सकता है।
- हर बस में शिकायत और सुझाव पुस्तिका होती है। सवारी के मांगने पर कंडक्टर उसे देने के लिए बाध्य है।
- बस का टिकट संभालकर रखें क्योंकि अगर आप डीटीसी में बस की शिकायत दर्ज कराते हैं तो आपके पास बस के रूट नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ टिकट भी होना चाहिए। टिकट इस बात का सबूत है कि आप उस बस में थे। पुलिस में शिकायत करते वक्त सिर्फ रूट नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर से ही काम चल जाता है।
ये भी जानें
- डीटीसी शादी-विवाह, पार्टी, पिकनिक आदि के लिए बसें उपलब्ध कराती है। इससे संबंधित जानकारी के लिए सिंधिया हाउस के फोन नंबर 011-28844192 पर कॉल कर सकते हैं। दिल्ली से बाहर जाने वाली बसों की जानकारी यहां से ले सकते हैं। बस अड्डा कश्मीरी गेट 011-23865181, 23868836
बस अड्डा सराय काले खां 011-24358092
बस अड्डा आनंद विहार 011-22152431
- विकलांगों, सैनिकों की विधवाओं व आश्रितों, अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त खिलाड़ियों, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को डीटीसी मुफ्त पास जारी करती है।
- बस पास बनवाने के लिए आवेदन फॉर्म डीटीसी की वेबसाइट www.dtc.nic.in से भी डाउनलोड किया जा सकता है।
- पास की निर्धारित राशि के अलावा आपको पहली बार 15 रुपए पहचान पत्र बनवाने के लिए देने होते हैं।
- डीटीसी स्टूडेंट्स, पुनर्वास कॉलोनियों के निवासियों, पुलिस, पत्रकार व सीनियर सिटिजंस को रियायती बस पास जारी करती है।
- 12 साल तक के बच्चों का सभी बसों में आधा किराया लगता है।
- डीटीसी की दिल्ली दर्शन सेवा भी उपलब्ध है। पूछताछ सिंधिया हाउस के फोन 011-28844192 पर की जा सकती है।
- आप किसी भी दिन 40 रुपये का पास बनवाकर सामान्य बस में कहीं भी सफर कर सकते हैं, जबकि एसी बस के पास की कीमत 50 रुपये है।
- डीटीसी की दिल्ली-लाहौर बस सेवा के लिए आप पासपोर्ट व वीजा कागजात के साथ 60 दिन पहले रिजर्वेशन करा सकते हैं। बस चलने से दो घंटे पहले चेक-इन करना जरूरी है। यह बस सुबह 6 बजे आंबेडकर टर्मिनल (दिल्ली गेट) से चलती है। रिजर्वेशन फॉर्म डीटीसी की वेबसाइट www.dtc.nic.in पर दिल्ली-लाहौर बस सर्विस ऑप्शन में उपलब्ध हैं। टर्मिनल के फोन नंबर 011-23318180, 23712228 हैं।
हेल्पलाइन:-
ब्लूलाइन के लिए
- ब्लूलाइन के यात्री 42400400 पर शिकायत कर सकते हैं। इस हेल्पलाइन पर सातों दिन 24 घंटे शिकायत की जा सकती है।
- आप परिवहन विभाग के कंट्रोल रूम नंबर 011-23929168 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- इसके अलावा आप उपायुक्त (एंफोर्समेंट) या आयुक्त/ सचिव को 5/9, अंडर हिल रोड, परिवहन विभाग, दिल्ली को लिख सकते हैं। फैक्स : 011-23933069
- ब्लूलाइन के यात्री 42400400 पर शिकायत कर सकते हैं। इस हेल्पलाइन पर सातों दिन 24 घंटे शिकायत की जा सकती है।
- आप परिवहन विभाग के कंट्रोल रूम नंबर 011-23929168 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- इसके अलावा आप उपायुक्त (एंफोर्समेंट) या आयुक्त/ सचिव को 5/9, अंडर हिल रोड, परिवहन विभाग, दिल्ली को लिख सकते हैं। फैक्स : 011-23933069
डीटीसी के लिए
- डीटीसी के यात्री इन नंबरों पर शिकायत कर सकते हैं :
011-24351587, 24350378, 24351763, 24352745, 9718190098, 9718190047
- आप टोल फ्री नंबर 1800118181 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- dtc@bol.net.in पर भी शिकायत की जा सकती है।
- आप डीटीसी के सीएमडी को लिख सकते हैं। पता है : सीएमडी, डीटीसी मुख्यालय, आईपी एस्टेट, नई दिल्ली-110002, फैक्स : 011-23370877
- अगर विभाग की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं तो परिवहन मंत्री को भी ब्लूलाइन या डीटीसी से संबंधित शिकायत भेज सकते हैं। पता है :
परिवहन मंत्री, दिल्ली सचिवालय, आईपी एस्टेट, नई दिल्ली-110002, फैक्स नंबर है : 011-23392022
"अब हम सब साथ-साथ चलेंगे भारत का विकास करेंगे"